Wednesday, 10 December 2014

7 दिसंबर से हिन्दी पंचांग का नया माह पौष प्रारंभ हुआ है। यह माह 5 जनवरी तक रहेगा। इसके बाद माघ मास शुरू हो जाएगा। शास्त्रों के अनुसार पौष मास में सूर्य की आराधना करनी चाहिए। ऐसी मान्यता है जो लोग इस माह में सूर्य की पूजा और उपाय करते हैं, उन्हें समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता और कार्यों में सफलता मिलती है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य मान-सम्मान का कारक ग्रह है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य ग्रह अच्छी स्थिति में है तो उसे समाज से मान-सम्मान मिलता है, जबकि सूर्य की अशुभ स्थिति व्यक्ति को समाज में अपमानित करवा सकती है। इस ग्रह से शुभ फल पाने के लिए 5 जनवरी तक यहां बताए जा रहे पांच उपाय किए जा सकते हैं...

पहला उपाय

आज से ही नियम बना सकते हैं कि हर रोज सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल अर्पित करना है। इसके लिए तांबे के लोटे का उपयोग करें। जल अर्पित करते समय सूर्य मंत्र का जप करना चाहिए। यह बहुत ही सामान्य और सरल उपाय है।

मंत्र-
1. ऊँ सूर्याय नम:
2. ऊँ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नौ: सूर्य: प्रचोदयात्।
3. ऊँ आदित्याय नम:

इन तीनों मंत्र में से किसी एक का या तीनों मंत्रों का जप किया जा सकता है। आप गायत्री मंत्र का जप भी कर सकते हैं। गायत्री मंत्र: ऊँ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गोदेवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।

यदि किसी एक मंत्र का जप हर रोज 108 बार करेंगे तो बेहतर रहेगा। इसके लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग कर सकते हैं। सुबह-सुबह नित्यकर्मों से निवृत्त होकर किसी शांत एवं पवित्र स्थान पर साफ आसन बिछाएं और बैठ जाएं। इसके बाद श्रद्धा पूर्वक माला का उपयोग करते हुए सूर्य मंत्र का जप 108 बार करें।

दूसरा उपाय

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य अशुभ स्थिति में हो तो उसे हर रविवार सूर्य का विशेष पूजन करना चाहिए। पूजन में अन्य सामग्रियों के साथ ही विशेष रूप से गुड़, चावल भी अर्पित करें।

तीसरा उपाय

ज्योतिष के अनुसार सूर्य से शुभ फल पाने के लिए इससे संबंधित वस्तुओं का दान करना चाहिए। जैसे गेहूं, तांबा, माणिक रत्न (रूबी), लाल चंदन, गुड़ आदि। इन चीजों का दान करने से सूर्य से शुभ फल प्राप्त होते हैं।

चौथा उपाय

यदि आप समाज में मान-सम्मान प्राप्त करना चाहते हैं तो कभी भी दूसरों का अपमान ना करें। हर रोज घर से निकलने से पहले घर के वृद्धजनों का आशीर्वाद लें। ऐसी मान्यता है कि बड़ों के आशीर्वाद से बुरा समय बहुत जल्दी दूर होता है।

पांचवां उपाय

हर रोज नित्यकर्मों से निवृत्त होकर शिवलिंग पर पीले रंग के पुष्प अर्पित करें। साथ ही, बिल्व पत्र भी चढ़ाएं। शिवजी की कृपा से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं।

ये भी हैं खास बातें

- सूर्य देव को नमस्कार करते हुए सिर को भूमि पर स्पर्श करना चाहिए। इससे जाने-अनजाने में किए गए पापों का नाश होता है। अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

- रविवार या सप्तमी तिथि को सूर्य को लाल फूल या सफेद कमल का फूल अर्पित करना चाहिए। पूजन के साथ ही व्रत-उपवास रखने से भी सूर्य की प्रसन्नता प्राप्त होती है। सूर्य की कृपा से मान-सम्मान और सफलता मिलती है।

- सूर्य को जल चढ़ाने से धर्म लाभ के साथ ही स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होता है। त्वचा की चमक बढ़ती है और आंखों को भी लाभ मिलते हैं।

- ठंड के दिनों में सुबह-सुबह सूर्य की रोशनी ठंड से मुक्ति दिलाती है। पौष माह में तिल और गुड़ का सेवन भी करना चाहिए। इससे शरीर को गर्मी के साथ ही शक्ति भी प्राप्त होती है।

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