Saturday, 15 November 2014

रूस के प्रसिद्ध लेखक लियो टॉलस्टॉय को अपना कामकाज देखने के लिए एक आदमी की जरूरत पड़ी। इस बारे में उन्होंने अपने कुछ मित्रों से कहा। कुछ दिन बाद एक मित्र ने किसी को उनके पास भेजा। वह काफी पढ़ा-लिखा था और उसके पास कई प्रकार के सर्टिफिकेट और डिग्रियां थीं।

वह टॉलस्टॉय से मिला, लेकिन तमाम डिग्रियां होने के बावजूद टॉलस्टॉय ने उसे नौकरी पर नहीं रखा, बल्कि एक अन्य व्यक्ति का, जिसके पास ऐसी कोई डिग्री नहीं थी, चयन कर लिया। यह देखकर उस मित्र ने टॉलस्टॉय से पूछा, क्या मैं उस व्यक्ति की नियुक्ति की वजह जान सकता हूं?

टॉलस्टॉय ने बताया, मित्र, जिस व्यक्ति का मैंने चयन किया है, उसके पास तो अमूल्य प्रमाणपत्र हैं। उसने मेरे कमरे में आने से पूर्व मेरी अनुमति मांगी। दरवाजे पर रखे गए डोरमैट पर जूते साफ करके कमरे में प्रवेश किया। उसके कपड़े साधारण, मगर साफ-सुथरे थे।

मैंने उससे जो-जो सवाल पूछे, उसने बिना घुमाए-फिराए उसके संक्षिप्त उत्तर दिए। और अंत में, मुलाकात पूरी होने पर वह मेरी इजाजत लेकर नम्रतापूर्वक वापस चला गया। उसने कोई खुशामद नहीं की, न किसी की सिफारिश लेकर आया, अधिक पढ़ा-लिखा न होने के बावजूद उसे अपनी काबिलियत पर विश्वास था। इतने सारे प्रमाणपत्र बहुत कम लोगों के पास होते हैं।

और तुमने जिस व्यक्ति को मेरे पास भेजा था, उसके पास इनमे से कोई भी योग्यता नहीं थी। वह सीधा ही कमरे में चला आया, बिना आज्ञा कुर्सी पर बैठ गया, और अपनी काबिलियत की जगह तुमसे जान-पहचान के बारे में बताने लगा। अब तुम्हीं बताओ, उसकी इन डिग्रियों की क्या कीमत है? मित्र टॉलस्टॉय की बात समझ गया।

0 comments:

Post a Comment

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites More

 
Design by Chirag Gupta | Bloggerized by Sudheer Guppta