समुद्रशास्त्र में बताया गया है कि मनुष्य के अंग लक्षण और हथेली में खींची आड़ी टेढी रेखाएं और निशान ब्रह्मा के लेख हैं। इन रेखाओं और निशान के माध्यम से ब्रह्मा यह बता देते हैं उनके जीवन में सुख-दुख, धन संपत्ति, रिश्ते नाते और स्वास्थ्य का क्या हाल रहने वाला है। आइये हम यहां हथेली में पाए जाने वाले कुछ ऐसे निशानों के बारे में बात करें जिनसे पता चलता है कि व्यक्ति को यौन रोग हो सकता है।
जिस व्यक्ति की हथेली में शुक्र पर्वत अधिक विकसित होता है उन्हें रक्तचाप, एसिडिटी एवं हृदय रोग की आशंका रहती है। ऐसे व्यक्ति बहुत जल्दी उत्साहित और उत्तेजित हो जाते हैं। इन्हें यौन रोग होने की आशंका रहती है।
जिस व्यक्ति की हथेली चमकीली और त्वचा कोमल होती है उनकी हथेली में शुक्र पर्वत पर अगर रेखाओं का जाल बना हो तो व्यक्ति विपरीत लिंग की ओर अधिक आकर्षित रहता है। इनमें विषय वासना अधिक रहती है जिसकी वजह से इन्हें यौन रोग होने की अधिक संभावना रहती है।
समुद्रशास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति की हथेली में शुक्र पर्वत पर तिल या भूरे रंग के धब्बे का निशान होता है उनमें काम भावना प्रबल होती है। ऐसे व्यक्ति के यौन रोग से पीड़ित होने की अधिक संभावना रहती है। बदलते मौसम में यह सर्दी जुकाम से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं।
जिस पुरुष की हथेली में शुक्र पर्वत पर द्वीप का चिन्ह होता है यौन विषय को लेकर हमेशा असंतुष्ट रहता है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार ऐसा व्यक्ति स्त्रियों द्वारा अपमानित होता है। महिलाओं के साथ इनकी मित्रता लंबे समय तक नहीं टिक पाती है।
जीवन रेखा का संबध भी रोग से होता है। हस्तरेखा विज्ञान में बताया गया है कि हथेली में जीवन रेखा पर यदी द्वीप का निशान हो तो संभव है कि व्यक्ति को जीवन के उस भाग में गंभीर रोग या कठिन समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जीवनरेखा पर द्वीप होने का एक अर्थ यह भी है कि व्यक्ति को यौन रोग हो सकता है।
समुद्रशास्त्र में यह बताया गया है कि अगर किसी व्यक्ति पेट पर नाभि के नीचे तिल का निशान हो उसे यौन रोग होने की आशंका रहती है। इसलिए इन्हें अपने आचार-व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए।
समुद्रशास्त्र में बताया गया है कि जिस व्यक्ति की हथेली में शुक्र पर्वत अधिक विकसित और उठा हुआ होता है वह काफी शौकीन और आराम पसंद होते हैं। इनमें काम भावना भी प्रबल होती है। अगर विकसित शुक्र पर्वत के साथ मस्तिष्क रेखा और उंगलियां मोटी हों तो व्यक्ति बहुत आलसी होता है।
जिस व्यक्ति की हथेली में शुक्र पर्वत अधिक विकसित होता है उन्हें रक्तचाप, एसिडिटी एवं हृदय रोग की आशंका रहती है। ऐसे व्यक्ति बहुत जल्दी उत्साहित और उत्तेजित हो जाते हैं। इन्हें यौन रोग होने की आशंका रहती है।
जिस व्यक्ति की हथेली चमकीली और त्वचा कोमल होती है उनकी हथेली में शुक्र पर्वत पर अगर रेखाओं का जाल बना हो तो व्यक्ति विपरीत लिंग की ओर अधिक आकर्षित रहता है। इनमें विषय वासना अधिक रहती है जिसकी वजह से इन्हें यौन रोग होने की अधिक संभावना रहती है।
समुद्रशास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति की हथेली में शुक्र पर्वत पर तिल या भूरे रंग के धब्बे का निशान होता है उनमें काम भावना प्रबल होती है। ऐसे व्यक्ति के यौन रोग से पीड़ित होने की अधिक संभावना रहती है। बदलते मौसम में यह सर्दी जुकाम से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं।
जिस पुरुष की हथेली में शुक्र पर्वत पर द्वीप का चिन्ह होता है यौन विषय को लेकर हमेशा असंतुष्ट रहता है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार ऐसा व्यक्ति स्त्रियों द्वारा अपमानित होता है। महिलाओं के साथ इनकी मित्रता लंबे समय तक नहीं टिक पाती है।
जीवन रेखा का संबध भी रोग से होता है। हस्तरेखा विज्ञान में बताया गया है कि हथेली में जीवन रेखा पर यदी द्वीप का निशान हो तो संभव है कि व्यक्ति को जीवन के उस भाग में गंभीर रोग या कठिन समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जीवनरेखा पर द्वीप होने का एक अर्थ यह भी है कि व्यक्ति को यौन रोग हो सकता है।
समुद्रशास्त्र में यह बताया गया है कि अगर किसी व्यक्ति पेट पर नाभि के नीचे तिल का निशान हो उसे यौन रोग होने की आशंका रहती है। इसलिए इन्हें अपने आचार-व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए।
समुद्रशास्त्र में बताया गया है कि जिस व्यक्ति की हथेली में शुक्र पर्वत अधिक विकसित और उठा हुआ होता है वह काफी शौकीन और आराम पसंद होते हैं। इनमें काम भावना भी प्रबल होती है। अगर विकसित शुक्र पर्वत के साथ मस्तिष्क रेखा और उंगलियां मोटी हों तो व्यक्ति बहुत आलसी होता है।
04:29
Astro SK


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