Saturday, 1 November 2014

Astrology by SK

भारत में कुंडली देखने के लिए वैदिक ज्योतिष के साथ साथ लाल किताब का भी प्रचलन है। कहां जाता है कि लाल किताब का ज्ञान भगवान सूर्य ने मनु को दिया था जो कई पीढियों से गुजर कर महापंडित रावण के पास पहुंचा। कालान्तर में धीरे धीरे इसका ज्ञान खत्म हो कर लोकोक्तियों और मुहावरों तक सिमट गया।
पंडितों के अनुसार जन्मकुंडली में ग्रह दशा खराब होने पर लाल किताब के उपाय करने चाहिए। इनका तुरंत असर होता है और कई बार तो उपाय करने के 24 घंटों में ही असर दिखने लगता है। इसके विपरीत वैदिक ज्योतिष के उपायों का असर देर से होता है।
लाल किताब के उपाय बदल देते हैं कुंडली में ग्रहों का घर भी
लाल किताब में हर घर एक विशेष ग्रह के लिए आरक्षित है जहां कि वह पॉजीटिव या नेगेटिव प्रभाव देता है। यदि आपकी कुंडली में कोई ग्रह किसी खराब घर में बैठा है तो आप लाल किताब की सलाह पर उस ग्रह को एक घर से दूसरे घर में ले जा सकते हैं और आपको उस ग्रह के पॉजीटिव असर मिलने शुरू हो जाएंगे।
इस तरह से बदलते हैं कुंडली में ग्रहों की दशा
- केसर या चन्दन की तिलक लगाने से बृहस्पति पहले भाव का फल देने लग जाता है और गुरू उसके जीवन में शुभ ग्रह का असर देने लगता है। - यदि किसी ग्रह की वस्तु मंदिर में या दान में दे दी जाए तो संबंधित ग्रह दूसरे भाव का फल देने लग जाता है। मान लीजिए आपका सूर्य कुंडली के दूसरे घर में न होकर अन्यत्र किसी भाव में है तो सूर्य की वस्तु मंदिर में दान देने से वह दूसरे भाव का शुभ फल देना शुरू कर देता है। - हाथ में ग्रह से संबंधित रंग का धागा बांधने से ग्रह तीसरे भाव का फल देना शुरू कर देता है। - खराब ग्रह की वस्तु नदी में प्रवाहित करने से वह चौथे घर का शुभ फल देने लगता है। - संबंधित ग्रह की वस्तु शिक्षण स्थान पर देने से पांचवें घर का शुभ असर मिलने लगता है। - खराब ग्रह की वस्तु कुंए में डालने से वह छठें भाव का शिफ्ट होकर वहां शुभ असर देने लगता है। - खराब ग्रह की वस्तु जमीन में दबाने पर ग्रह सातवें भाव का फल देता है। - श्मशान में किसी ग्रह से संबंधित वस्तु के रखने या दबाने पर वह ग्रह आठवें घर का शुभ फल देता है। - ग्रह से संबंधित रत्न या वस्तु को शरीर पर पहनने से वह नौंवे भाव में चला जाता है और अपना शुभ प्रभाव दिखाता है। - सरकारी संस्थान में जिस भी ग्रह या भाव की वस्तु रखी जाएगी वह दसवें भाव का शुभ फल देना शुरू कर देगा। - 11वें भाव में यह उपाय काम नहीं करते हैं परन्तु इसके लिए संबंधित ग्रह के अन्य उपाय करने पड़ते हैं अथवा अन्य ग्रहों को शक्तिशाली बनाकर उनसे पॉजीटिव असर प्राप्त किया जाता है। - ग्रह की वस्तु छत पर डालने से वह 12वें भाव के अशुभ फल को शुभ कर देता है।

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